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संस्थान का उद्देश्य एवं प्रस्तावित सुविधाएँ
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संस्थान का उद्देश्य एवं प्रस्तावित सुविधाएँ
युवा जागति स्वयं सेवी सहायता संस्थान
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उद्देश्य एवं प्रस्तावित सविधाएँ
संस्थान का केन्द्रीय भूत उद्देश्य संस्थान द्वारा समाज एवं राष्ट्र के चतुर्मुखी विकास हेतु अथवा मानव मात्र के विकास हेतु संघ समितियों का गठन करना और संचालन करना है, वही संस्थान का सहायक उद्देश्य समाज व राष्ट्र विकास के लिए विभिन्न सरकारी एवं स्वप्रायोजित कार्यक्रमों का आयोजन करना एवं प्रस्तावित कार्यक्रमों एवं निर्देशित योजनाओं / कार्यक्रमों का क्रियान्व्यन तथा संचालन करना है।
संस्थान द्वारा निम्नलिखित प्रस्तावित सेवाओं को प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है-
1 .- युवा वर्ग के विकास पर आधारित कार्ययोजना-
क्षेत्र व समाज में युवा वर्म के चतुर्मुखी विकास हेतू गांव के युवकों में पारस्परिक सहयोग, चरित्र निर्माण, अनुशासन , नेतृत्व एवं कला के भाव को पैदा करना तथा यूवाओं के उत्थान के लिए उनमें सामाजिक, मानसिक, आध्यातिमिक,आर्थिक, शैक्षणिक तथा स्वच्छ राजनीतिक एवं सांस्कृतिक प्रगति लाने के लिए प्रेरित कर राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव को पैदा करने से संबंधित यथासंभव कार्यकमों का संचालन करना संस्थान की प्राथमिकता है।
2.- महिला एवं बाल विकास पर आधारित कार्ययोजना-
क्षेत्र व समाज में बालश्रम उन्मूलन एवं बधुआ मजदूरी उन्मूलन के बारे में प्रचार- प्रसार करना तथा उनके लिए शिक्षा एवं उनके विषय की समुच्चित व्यवस्था करना संस्थान की प्राथमिकता है, वही महिलाओं एवं किशोरियों को स्वालंबी बनाने हेतु कढाई - बुनाई ,कसीदाकारी, अगरबती , गरम मसाला, पापड़, तिलाऊडि, लाह की च्रड़ी, विंदी बनाने के वारे में प्रशिक्षण देने अथवा दिलाने की व्यवस्था करना तथा उनके द्धारा उत्पादित सामानों के विक्री की उचित व्यवस्था करना संस्थान की प्राथमिकता हैl
3.- सामाजिक विकास पर आधारित कार्ययोजना-
समाज में समाज के चतनर्मूखी विकास हेतु लोगों को देश की विकास योजनाओं के सफत कार्यान्वयन के लिए प्रेरित करना एवं गामीण विकास के लिए विभिन्न कार्यकमों को संपादित करना साथ ही विकास के कार्यक्रमों को अपनाना एवं उनके लिए संगठन स्वड़ा करना, कार्यकर्ताओ को प्रशिक्षण देना एवं आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था करना, आवश्यक औजार तथा कच्चे माल के बारे में जानकारी देना एवं उपलब्ध कराने की व्यवस्था करना तथा इससे संबंधित लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, तेल उत्पादन, मशरूम उत्पादन, चर्म उद्योग, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन और दुग्ध उत्पादन के बारे में जानकारी देना व उनक द्धारा उत्पादित वस्तुओं के विक्रय की समुच्चित व्यवस्था करना संस्थान की प्राथमिकता है।
4.- कृषि आधारित कार्ययोजना-
क्षेत्र व समाज में कृषि की उन्नति के तिए कृषकों को आधुनिक औजार, उन्नत खाद, सिंचाई से सम्बंधित प्राशक्षण प्रदान करना एव संसाधन उपलब्ध कराना हमारी ' प्राथमिकता है।
5.- पर्यावरण पर आधारित कार्ययोजना-
क्षेत्र व समाज में पर्यावरण के बारे में लोगों को जानकारी देकर जागृत करना एवं स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था करना और वृक्ष कटाई के विरोध में आवश्यक हर सम्भव पहल तथा प्रयास क२ना तथा वृक्षारोपण के लिए आमलोगों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है।
6.- जन सम्दाय क विकास पर आधारित कार्ययोजना-
क्षेत्र व समाज में जन समुदाय मात्र के विकास के लिए उन्नत गुणव्तापूर्ण शिक्षण सस्थान, पुस्तकालय, वाचनालय, संगीतालय की स्थापना कर उनके बौद्धिक विकास में मदद करना एवं नृत्य - संगीत- नाटक एव वाद्यकला का प्रशिक्षण देना व दिलाने की व्यवस्था करना एवं शिक्षा एवं शिक्षण सामग्री तथा खेल सामग्री उपलब्ध कराना और आमलोगों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना तथा क्षेत्र में खेल मैदान का निर्माण कराना हमारी प्राथमिकता है।
7. अनाथ, असहाय बच्चों, वृद्ध, विधवाओं एवं परित्यक्ताओं के विकास व संवर्धन पर आधारित कार्ययोजना-
समाज व क्षेत्र में अनाथ असहाय बच्चे, वृद्ध , विधवाओं एवं परित्यक्ताओं के लिए आश्रय स्थल, आश्रम और उनके तिए भोजन,चिकित्सा एवं आवश्यक प्रोत्साहनों की समुच्चित व्यवर्था करना विकलांगों/दिव्यंगों को शिक्षा, चिकित्सा एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।
8. समाज एवं क्षेत्र में आमलोगों के अधिकार एवं मानवाधिकार तथा संवैधानिक अधिकार की रक्षा पर आधारित कार्ययोजना-
क्षेत्र में उपभोक्ता जागरकता के क्षेत्र में काम करना साथ ही साथ उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, लोक अदालत के माध्यम से लंबित मुकदमों के निष्पादन के लिए आम लोगों में जागरूकता पैदा करना एवं समाज के असहाय निर्धन लोगों के प्रति लोक अदालत के बैनर तले सरल न्याय दिलाने हेतु आवश्यक पहल करना एवं उचित सलाह और सहयोग उपलब्ध कराने की व्यवस्था करना, संस्थान द्वारा चयनित सेवाक्षेत्र में अवस्थित कारागृह में बंद बंदियों को समाज के मुख्य धाया से जोड़ने के लिए एवं उनके सामाजिक, आर्थिक तथा मानसिक दशा व दिशा को निर्देशानुसार विकसित व विकासशील बनाने हेतु पहल करना तथा इससे संबंधित योजना तैयार कर सम्बंधित विभाग व पदाधिकारीयों के सहयोग से पहल व प्रयास करना, आमजनों को प्रजातांत्रिक मूल्यों के संदर्भ में जागरूक करना साथ ही साथ निदेशानुसार सेवाक्षेत्र में अवरिथित कारागृह में इन कार्ययोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए शत- प्रतिशत मतदान हेतु आमजनों को उत्साहित करना तथा इनको प्रोत्साहित करने हेतु निदेशानसार कार्यक्रमों का संचालन करना, मानवता के कल्याणार्थ आमजनों को रक्तदान एव अंगदान के लिए जागरूक करना तथा प्रोत्साहित करना एवं मानव जीवन में इसके महत्व तथा उपयोगिता व आवश्यकता के बारे में हर संभव प्रचार-प्रसार करना, भारतीय संस्कति के उच्च जीवन मूल्यों के प्रति जन चेतना का विस्तार करना, तदर्थ विभिन्न तरह के सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक योजनाओं तथा गतिविधियों का संचालन करना एवं राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का संचालन करना हमारी प्राथमिकता है।
9.- सरकारी राशि के दुरुपयोग के विरुद्ध संवैधानिक अधिकार की रक्षा पर आधारित कार्य योजना-
समाज व क्षेत्र के विकास हेतु सरकार द्धारा प्रायोजित एवं संचातित कार्ययोजनाओं में हो रहे अनियमितता, भ्रष्टाचार तथा सरकारी राशि के दुरुपयोग के विरुद्ध हर संभव पहल व प्रयास करना जिस के फलस्वरूप योजना अपने निर्धारित लक्ष्य और उद्टेश्यों को प्राप्त कर सके , संस्थान के इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु संस्थान क्षेत्र के आमलोगों को जागरूक करने से लेक२ आवश्यकतानुसार इस तंत्र के भ्रष्ट एवं गैर व्यवहारिक गतिविधियों के विरुद्ध न्यायालय के माध्यम से समाज को आर्थिक, सामाजिक एवं संवैधानिक न्याय दिलाने की हर संभव एवं सार्थक पहल करना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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